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Take action motivational speech | How to push yourself to do something | खतरा देख दीवार पार कर जाना!

Take action motivational speech | How to push yourself to do something | खतरा देख दीवार पार कर जाना! #motivationalblogs #takeaction #takeactionmotivtion


हम बहुत कुछ सोचते है, हमारे बारे में, हमारे career के बारे में हमारे जीवन के बारे में, etc..। लेकिन ताज्जुब की बात यह है की हम जितना सोचते है उतना करते बिलकुल ही नहीं! या तो कोई न कोई बाहरी चीज़ हमें रोकती है या हमारे अंदर के ढेर सारे बहाने हमें रोकते हैं।

कभी-कभी ऐसी tough situations आ जाती है कि कोई बाहरी चीज़ हमें कुछ भी करने से रोकती है, बाकि तो ज़्यादातर मामलों में हमें खुद हमारे बहाने यानि हमारे Excuses हमें रोकते हैं।


For Example, आज अापके दिमाग में कोई ऐसा concept आया जिनका use करके आप एक अच्छा खासा business खड़ा कर सकते हैं। अापने यह ठान भी लिया की इसके बारे में proper planning करना आज से ही start कर देंगे। लेकिन! honesty से खुदको ये बताएं, क्या आप सच में ऐसा करते हैं? ज़्यादातर लोगों का यही जवाब निकलेगा, नहीं!


अब अगर इसकी ठोस बजह ढूंढे कि क्यों ऐसा होता है तो हम दुसरो पर blame डालना या अपनी situation को दोष देना शरू क्र देंगे। लेकिन असली बजह तो यह है, की हम खुद ही कोई न कोई distraction या बहाना ढूंढके अपने तेह किए गए काम को ignore कर देतें हैं। नतीजा यह होता हैं कि हम कुछ कर ही नहीं पाते और last में अपनी आदतों ले बजाय अपनी किस्मत को दोष दे कर वहां पर ही पड़े रहते हैं जहाँ पर हम होते हैं। फ़िर कभी किसी दिन कोई नया ख्याल आ जाए तब भी हम यही करते हैं और वह ख्याल भी बेकार हो जाता हैं।


फ़िर धीरे-धीरे ऐसे ही ज़िन्दगी काटते रह कर यह सोचने लगते हैं की, "हमने यह किया होता तो अच्छा होता, वो किया होता तो अच्छा होता" वगेरा...वगेरा..। लेकिन असल में हमने कुछ भी किया ही नहीं होता है, नतीजन हाथ आती है, हारी हुई चीज़ें, हारी हुई life!


तो अभी हम क्या करें? जिनसे ऐसा न हो, बल्कि नतीजा वैसा हो जैसा हमारा dream हैं। इसके लिए एक ही चीज़ करगर हो सकती है, खुदको कैसे भी करके अपने अपनी thinking के हीसाब से अपने plannings पर काम करने पर मजबूर करना। खुद पर दबाव ड़ाल के या यह ड़र बैठके, कि अगर हमने यह नहीं किया तो न जाने आगे जाके हमें कितनी problems हो सकती हैं! खुदको एक ऐसा खतरा दिखाना जिससे बचना तभी संभव होगा अगर हम अभी अपने कामों पर सही action लेकर बिलकुल वैसा ही अंजाम दें जैसा हमने सोचा था। अब इसमें भी यही खयाल दिमाग में आएगा, कि कैसे?


इसे भी example के ज़रिए सोचें। Just Imagine कि आपके पीछे कोई खूंखार और गुस्से से भरपुर सांढ़ तेज़ी से आपकी और आपको नुकसान पहुंचाने के लिए आ रहा है! और आपके सामने एक दिवार है जो करीबन आपकी height से बड़ी है जो आपने आज तक कभी पार नहीं की। लेकिन, फिर भी सांढ़ के ड़र से अचानक आपके अंदर ऐसी spirit आएगी की आप तेज़ी से कैसे भी करके इसे पार लेंगे।


अब सोचिए यह ताकत कहां से आई? Of course ड़र से, जान खो न जाए उसका ड़र! इस ड़र से आपके दिमाग में तुरंत ऐसे signals receive हो जाते हैं, जिनकी बजह से आपका खून तेज़ी से खोलने लगता हैं, उसी से आपके अंदर ऐसी ताकत उजागर होती है जो आपको अपनी जान बचने के लिए कुछ भी करने पर मजबूर कर देती हैं। और वही ताकत के इस्तेमाल से आप वह दिवार पार कर जातें हैं जो अापने पहले कभी नहीं की।


इसी तरह हमें हमारे according create किए गए planning पर action लेने के लिए खुदको कोई ऐसा ही ड़र, ऐसा ही खतरा, ऐसा ही दबाव देना होगा जिनसे हम हमारे तेह किए हुए planning या सोचे हुए concept पर तुरंत काम start कर उसे सही अंजाम तक पहुंचा सकें।


आप अपनी future की situations वाले explanation के through खुद को push कर सकतें हो, like अभी अपने यह नहीं किया तो आपको कैसे-कैसे अंजाम का समना करना पड़ सकता हैं, क्या-क्या मुश्किलें आपके सामने खड़ी हो सकती हैं, आप failure के कितने गहरे अंधकार में जा सकते हैं जिनसे एक बार time निकल गया तो बहार आना लगभक नामुमकिन हैं! और अगर अपने इसे अभी से serious ले लिया तो आप कभी किसी भी चीज़ से distract नहीं होंगे। आपका यह ड़र एक ऐसा मिठा ड़र होगा जो आपकी ताकत बन कर आपको वहां तक ज़रूर पहुंचाएगा जहाँ अापने अपना मुकाम तेह किया है, यानि आप एक ऐसी life हकीकत में पाओगे जो अापने अपने सपनों में सोची थी!


“Your beliefs become your thoughts, Your thoughts become your words,

Your words become your actions, Your actions become your habits,

Your habits become your values, Your values become your destiny.”


धन्यवाद।


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