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Persistence Motivational Blog in Hindi | Difference Between Self Respect and Ego | हठ और अहंकार!

Persistence Motivational Blog in Hindi | Difference Between Self Respect and Ego | हठ और अहंकार! #motivationalblogs #persistencemotivation #ego


ज़िन्दगी में 2 चीज़ें ऐसी है जिनका भावार्थ एकदूसरे से मिलता जुलता है फिर भी एक दूसरे से काफी अलग तरीके से इंसान की ज़िन्दगी को effect करती है। जो है, "Persistence & Ego" यानि "हठ और अहंकार!"

हमारे लिए हठ जो है, वह अच्छी भी हो सकती है और बुरी भी! लेकिन अहंकार हमारे लिए हंमेशा बुरा ही होता है।


हठ की बात करे तो, हम जो चीज तेह करते है या मानो हम ठान लेते है उस पर हंमेशा कायम रहना। For Example, कोई ऐसा इंसान है जो chain smoker है, पुरे दिन में ढेर सारी cigarette पी जाता है! एक दिन किसी ने आके उनसे उनकी इस आदत को लेकर कुछ ऐसी बात कह दी जो है बेहद कड़वी लेकिन उसे खुदको इस बुरी आदत से दूर करने के बारे में है। और इस बात से वह इंसान अगर यह realize करता है की वह जो कर रहा है वह काफी गलत चीज है, और यह तय कर लेता है, कि आज के बाद वह कभी smoke नहीं करेगा और सच में उसने smoke करना छोड़ दिया तो इसे उस इंसान की हठ माना जायेगा जो हठ उसे अपनी बुरी आदत से बचाकर एक healthy और खुशनुमा life जीने के लिए प्रेरित करती है।


लेकिन अगर वह इंसान सामने वाले की बात से गुस्सा होकर दो cigarette ज्यादा पी लेगा और यह जताएगा, कि "में अपनी मर्जी का मालिक हूँ जो चाहे वो कर सकता हूँ और करता रहूँगा! मुझे कुछ नहीं हो सकता!" तो यह उसका अहंकार कहा जाएगा जो उसे हमेशा अपनी मनमानी ही करवायेगा और खुदको बर्बादी की ओर धकेलता रहेगा।


तो यहाँ इस example के हिसाब से हठ इंसान को अच्छाई और happiness की और आगे बढाती है, जब की अहंकार क्रोध और तबाही की और खींचता है। अहंकार से हंमेशा बुराई जुडी होती है। लेकीन हठ से हमेशा अच्छाई ही जुडी हो ऐसा जरूरी नहीं है।


कुछ हठ ऐसी होती है जो बेहद तकलीफदेह होती है। For Example, अगर किसी का अपने बेहद ही अच्छे और पक्के दोस्त के साथ किसी मामूली सी बात को लेकर झगड़ा हो जाए और वह इंसान यह तय करलें, कि आजसे दोस्ती ख़तम! आज के बाद कभी बात नहीं करेगा! तो यह हठ इंसान को ऐसे अहंकार की और धकेलती है जो पक्की दोस्ती को खतरनाक दुश्मनी में तब्दील कर सकता है।


तो हठ भी कभी ऐसी नहीं होनी चाहिए जो हमें खुद के वजूद से दूर करके रखदें। हठ करनी है तो वहां कीजिए like, आपको कुछ ऐसा पाना है, जिससे आपकी value बढ़े जो आपकी बुरी चीज़ों को दूर कर आप की life में बदलाव ला सकें। हठ ऐसी होनी चाहिए, जो आपको आपके goal को पूरा करने की और motivate करें। हठ ऐसी होनी चाहिए जो आपको आपके अधिकार या आपके फ़र्ज़ को पूरा करने के लिए helpful बनें।


याद रहे, ज़िन्दगी में अहंकार ज़हर है तो हठ दवा है। जहर तो हानिकारक होता ही है, पर दवाई! दवाई तबियत के हिसाब से ली जाए तो health को बेहतर बनाएगी, लेकिन अगर तबीयत के हिसाब से न ले तो! तो यही दवाई खुद ज़हर का रूप ले सकती है।


"Always keep ego away from life, but persistence do only where it is needed."


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